UserName
PassWord
गंगा तेरा पानी अमृत सुने
हम सभी देशवासी पवित्र गंगा कि रक्षा हेतु ये संकल्प करे कि माँ गंगा कि धारा अविरल रहे, निर्मल रहे, कोई भी बांध न बने और उसकी धारा मे सभी प्रकार के प्रदूषित पदार्थ डाले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध हो । हम सभी अपनी श्रद्धा ओर संस्कृति की रक्षा के लिए एकजुट है हम लोगो को जागरूक करे कि पवित्र गंगा में पोलोथीन डाल कर पाप के भागी न बने । गंगा के किनारे पोलिथीन पर प्रतिबंध हो - डॉ. जयदीप आर्य ....................... गंगा रक्षा मंच द्वारा देशव्यापी आंदोलन का शंखनाद,विशाल धरना लोहारी नागपाला सहित माँ गंगा पर निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित सभी जल विद्युत परियोजनाएं निरस्त करने हेतु ९ अगस्त सोमवार को शंकराचार्य चौक , हरिद्वार पर पूज्यनीय आचार्यो , महामंडलेश्वरो , साधू -संतो व गंगा भक्तों द्वारा विशाल धरना लोहारी नागपाल परियोजना निरस्त साधु-संतो के भारी दवाब के चलते लिया गया फ़ैसला, गंगा रक्षा मंच को मिली एक और सफ़लता, गंगा रक्षा मंच द्वारा गंगा रक्षा हेतु जन-जागरण कार्यक्रम । सभी के सकारात्मक सुझावों का स्वागत है। गंगा रक्षा मंच के सदस्य बने । ज़ल बचाओं कल बचाओं ।

गंगा रक्षा मंच- परिचय

गंगा को प्रदुषण मुक्त करने के लिए पतंजलि योगपीठ हरिद्वार में 18 जून 2008 को एक बैठक आयोजित हुई जिसमें देश के प्रमुख संतो की उपस्थिति में गंगा रक्षा मंच का गठन किया गया तथा स्वामी रामदेवको इस आन्दोलन का नेतृत्व सौपा गया राष्ट्र गौरव योग गुरु स्वामी रामदेव के कुशल नेतृत्व में गंगा रक्षा मंच के अहिंसक आन्दोलन ने करवाया गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित - विस्तार से जाने
गंगा के लिए जल विद्युत परियोजनाओं और गंगा को अविरल बनाए रखने को लेकर सोमवार, 9 अगस्त को हरिद्वार-देहरादून हाइवे जाम कर धरने पर बैठे योगगुरु बाबा रामदेव।
लोहारी नागपाल परियोजना निरस्त, साधु-संतो के भारी दवाब के चलते लिया गया फ़ैसला, गंगा रक्षा मंच को मिली एक और सफ़लता
  निर्मलता के लिए अविरलता जरुरी    
  गंगा के प्रदूषण की रिपोर्ट     
  पोलिथीन हटाओ आंदोलन
  गंगा रक्षा मंच नया आन्दोलन
   गंगा नदी के बारे में नई खबर
  धरना आन्दोलन का विडिओ देखे
  समाचार पत्रों में आन्दोलन
  प्रधान मंत्री को दिया पत्र
  गंगा दशहरा 30 मई को गंगा घाट पर कार्यक्रम

गंगा रक्षा मंच की कार्ययोजना
गंगा को राष्ट्रीय व सांस्कृतिक धरोहर घोषित करना , राष्ट्रीय गंगा संरक्षण प्राधिकरण निर्माण कराना , टिहरी बाँध के कारण अवरुध्द गंगा की धारा को मुक्त कराना , तत्काल प्रभाव से गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना निरस्त कराना , गंगा तट पर स्थित औद्योगिक इकाईयों को अन्यत्र स्थानान्तरित करना ।